डेनमार्क ! भारत को तकनीकी में अवसर ?।#denmarkindia#jointpressmeet#MetteFrederiksen
डेनमार्क ! भारत को तकनीकी में अवसर ?।#denmarkindia#jointpressmeet#MetteFrederiksen
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी -
नमस्कार!
कोरोना महामारी की शुरुआत से पहले हैदराबाद हाउस नियमित रूप से हेड्स आफ गवर्नमेंट्स आफ स्टेट के स्वागत का साक्षी रहा है। पिछले 18 महीनों से यह सिलसिला थमा हुआ था। मुझे प्रसन्नता है कि आज एक नए सिलसिले की शुरुआत
डेनमार्क के प्रधानमंत्री की यात्रा से हो रही है एक्सीलेंसी यह भी सुखद संयोग है कि आप की पहली भारत यात्राहैं। आपके साथ आए सभी डेनिस डेलिगेटस और बिजनेस ट्रेडर्स का भी मैं स्वागत करता हूं।
फ्रेंड आज की हमारी मुलाकात भले ही पहली रूबरू मुलाकात थी लेकिन कोरोना कालखंड में भी भारत और डेनमार्क के बीच संपर्क और सहयोग की गति बरकरार रही थी।
इन फैक्ट आज से 1 साल पहले हमने अपनी वीर्चुअल समिति में भारत और डेनमार्क के बीच ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनर से स्थापित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था कि हम दोनों देशों की दूरगामी सोच और पर्यावरण के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
| डेनमार्क के पीएम मेटे फ्रेडरिकसेन |
यह पाटर्नरशिप एक उदाहरण है कि किस प्रकार सामूहिक प्रयास के द्वारा टेक्नोलॉजी के माध्यम से पर्यावरण को सुरक्षित रख सकते हुए ग्रीन ग्रोथ के लिए काम किया जा सकता है।
आज हमने इस साझेदारी के अंतर्गत हुई प्रगति को रिव्यू भी किया और आने वाले समय में क्लाइमेट चेंज के विषय पर सहयोग बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया है।
इस संदर्भ में यह भी बहुत प्रसन्नता की बात है कि डेनमार्क इंटरनेशनल सोलर अलायंस का सदस्य बन गया है। हमारे सहयोग में यह एक नया आयाम जुड़ा हैं।
फ्रेंडस डेनिश कंपनियों के लिए भारत नया नहीं है। एनर्जी फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मशीनरी ,सॉफ्टवेयर आदि अनेक क्षेत्रों में डेनिस कंपनियां लंबे समय से भारत में काम कर रही है। उन्होंने न सिर्फ मेक इन इंडिया बल्किमे क इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
भारत की प्रगति के लिए जो हमारा विज़न हैं। जिस स्केल और स्पीड से हम आगे बढ़ना चाहते हैं। उस में डेनिस एक्सपटाईज और डेनिस टेक्नोलॉजी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकती हैं।
भारत की अर्थव्यवस्था में आई रिफार्मस विशेष रूप सेमैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उठाए गए कदम ऐसी कंपनियों केलिए अपार अवसर प्रस्तुत कर रहे।
आज की मुलाकात में हमने ऐसे कुछ अवसरों के बारे में भी विस्तार से चर्चा की है। फ्रैंडस हमने आज भी एक निर्णय यह भी लिया कि हम अपने सहयोग के दायरे को सतत रूप से विस्तार करते रहेंगे। उस में नए आयाम जोड़ ते रहेंगे।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमने एक नई पाटर्नरशिप की शुरुआत की है।
भारत में एग्रीकल्चर प्रोडक्टिविटी और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि संबंधित टेक्नोलॉजी में भी हमने सहयोग करने का निर्णिय लिया है।
इसके अंतर्गत फूड सेफ्टी,कोल्ड चीन ,फूड प्रोसेसिंग, फर्टिलाइजर्स, फिशरीज, एक्वा कल्चर आदि अनेक क्षेत्रों की टेक्नोलॉजी पर काम किया जाएगा।
हम स्मार्ट वॉटर रिसोर्स मैनेजमेंट, वेस्ट टू बेस्ट और एफिशिएंट सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग करेंगे।
फ्रेंड आज की बातचीत में हमने अनेक क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी और विस्तार से और बहुत उपयोगी चर्चा कि मैं विशेष तौर से डेनमार्क के प्रति आभार व्यक्त करना चाहूंगा कि विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हमें डेनमार्क की ओर से बहुत मजबूत समर्थन मिलता रहा।
भविष्य में भी हम तो लोकतांत्रिक मूल्यों वाले थे रूल बेस्ड ऑर्डर में विश्वास करने वाले देश एक दूसरे के साथ इसी प्रकार से मजबूत सहयोग और समन्वय के साथ काम करते रहेंगे।
एक्सीलेंसी! अगली इंडिया नॉर्डिक्स समिट को होस्ट करने और मुझे डेनमार्क यात्रा के निमंत्रण के लिए मैं आभार व्यक्त करता हूं। आज की बहुत उपयोगी बातचीत और हमारे द्विपक्षीय सहयोग का नया अध्याय लिखने वाले सभी निर्णय पर आपकी सकारात्मक विचारों के लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। बहुत-बहुत धन्यवाद !
https://youtu.be/JCx6HVVLBCg

No comments